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Thursday, 11 April 2013

ट्रैफिक-जाम Traffic Jam

Image Credits to the owner of the image @Deviantart.com

~MarionBoubou




खोस-खसोट के, जगह बना के
ऑटो चढ़ गया नत्थू राम
क्या पता था हायरी किस्मत
दे मारेगी सर ट्रैफिक-जाम

लग गया ट्रैफिक-जाम र भैया
लग गया ट्रैफिक-जाम

इंच भी न हिले रे बाबु
मोटर गाडी बस तमाम
पैदल पथ पर चल पड़ा तब
नाथू उम्मीद हार ट्रैफिक-जाम

कान पकड़ भागे दौड़े
हॉर्न करे जीना हराम
गिरता पड़ता नत्थू पर न रुकता
आग का दरिया ट्रैफिक-जाम

जल्दी बजी में कुचलने को राजी
जान का मोल न कोई दाम
कैसे पगले लोग है जाने
यह कैसा ट्रैफिक-जाम?

और जब जैसे तैसे बहार आया
नत्थू ने लिया आराम
सोच में पद गया बैठे बैठे
ज़िन्दगी भी तो है ट्रैफिक-जाम

मुश्किल है और निर्दयी भी
ना कोई सीता है न राम
पेट पकड़ और भाग ले नत्थू
जीवन ट्रैफिक-जाम

Friday, 15 February 2013

तेरी ज़ुल्फ़ का एक बाल (A Hair From Your Head)

तेरी ज़ुल्फ़ का एक बाल
छूट गया मेरे अकेले सिरहाने पे
यूँ लगा मेरी करवटों को
एक हमनफज़ साथी मिल गया

तेरी इत्र की ज़रा सी खुशबू
छूट गयी मेरे कमरे के गुमनाम कोनों में
यूँ लगा चंद बेजान दीवारें
वादियों का सफ़र कर आईं

तेरी मीठी आवाज़
छूट गयी मेरे परेशान कानों में
यूँ लगा मेरे बेआबरू ज़हन को
शर्म का सहारा मिल गया

तेरा पसीने से भीगा रुमाल
छूट गया मेरी खाली जेब में
यूँ लगा मेरे खुले सर पर
एक गुमनाम साया चढ़ गया

और छूट गई
तेरी एक टहलती, पुरानी याद
मेरी थकी, भरभराती आँखों में
यूँ लगा मेरी अधूरी, बेपाक नींद को
एक पूरा, सुन्दर सपना मिल गया

- पीयूष 'गुमशुदा' आसवानी