नमस्ते!यह ऊपर मैं हूँ :)
मेरा नाम पीयूष असवानी है| मेरे ब्लॉग में आपका स्वागत है| मैं हिंदुस्तान के उस उचित हिंदी भाषी हिस्से से हूँ जहां हिंदी भाषा विरासत में मिलती है अथवा बोलचाल में 'मै' और 'तू' कि जगह 'हम' और 'तुम' का इस्तेमाल किया जाता है - इस लिए कभी कभी 'मैं' की जगह 'हम' निकल जाए तो नज़रअंदाज़ करियेगा :) । व्याकरण के दृष्टिकोण से देखें तो यह गलत है, मगर ऐसे ही चलता आ रहा है तो ऐसे ही चल रहा है। वैसे भी वो भाषा ही क्या जिससे अपने तरीके से ढाला न जा सके?!
यूँ शिक्षा से तो मैं एक इंजीनियर हूँ, पर कभी-कभार थोड़ा बहुत लिख भी लेता हूँ - कवितायें, नज़में, ग़ज़लें एवं छोटी मोटी कहानियाँ| हिंदी भाषा प्रेमी हूँ और उर्दू का आशिक़ पर उस सबसे बढ़कर देवनागरी हूँ!
ये जो थोडा बहुत गुण है लिख पाने का इसका अनुमान मुझे पहली बार तब हुआ जब एक कविता लिखने कि प्रतियोगिता में मैंने हिस्सा लीया | शब्द अपने आप निकल रहे थे| अच्छे खासे तो नहीं, पर हाँ, काम चलाऊ| वह प्रतियोगिता हिंदी भाषी ही थी| जी हाँ, लिखित कला से पहली मुलाकात हमारी हिंदी में ही हुई थी|
जैसे जैसे बड़े होते गए, हिंदी पहले किताबों से चली गयी और फिर इंटरनेट भी आ गया| थोड़ा बहुत जो नागराज, चाचा चौधरी वगैरा पढ़ के हिंदी का मजा ले लिया करते थे वो भी बड़ा होने कि वजह से जाता रहा| हिंदी रह गई तो सिर्फ जीभ पे, वो भी टूटी फूटी सी|
फिर थोडा बड़े होने के बाद अकल आयी; भौतिकवाद से छुटकारा होने लगा और व्यापकता समझ में आने लगी (या आ रही है अभी भी)| इसी बीच में कविता से फिर से मुलाकात हुईइंटरनेट के जरिये!
एक सिरे से दूसरा सिरा पकड़ते पकड़ते, घुसते गए गहरा - ख्यालों, ख़्वाबों कि दुनिया में| इतना घुस गए हैं कि अब निकलना मुश्किल नज़र आता है| यहाँ 'घंटा इंजीनियरिंग' कहना उचित होगा।
हम इंटरनेट पर कई जगहों पर लिखते हैं, और जहां लिखते हैं ज़्यादातर अंग्रेजी में ही होता है। पर सच पूछा जाए तो हमें हिंदी भाषा से ज़यादा प्यार है। आर्टिकल वगैरा तो एक बार को समझ में आता है कि अंग्रेजी में लिख लिया जाए, पर कविता का बेजोड़ रस और नज़मों कि भीनी खशबू सिर्फ उर्दू और हिंदी से ही साध्य है|
यही सब सोच के ये ब्लॉग भी शुरू कर दिया है| वैसे तो कुछ भी मन में आता है तो फेसबुक पर ही डाल आते हैं; पर कोशिश करेंगे कि इस ब्लॉग को भी धूप पानी दे कर कुछ कद दे सके|
आते रहिएगा, पढ़ते रहिएगा और जहां ठीक लगे वहाँ आलोचना अवं तारीफ़ देते रहिएगा| अगर मन हो तो ब्लॉग के फेसबुक पेज को और मुझे फॉलो कर लीजिये; एक आधी महफ़िल जमाते रहेंगे| लिंक्स इस प्रकार हैं-
Piyush Aswani
Piyush's Pen
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