आज भी आती है जब, ये बारिश
कुछ गीत पुराने सुना जाती है
बालो को सहलाती है ज़रा सा
फिर माँ की याद दिला जाती है
मैं भूला, पर बारिश जिसे ना भूली
उस मुहब्बत की सिहरन जगा जाती है
बेधड़क नाचना भूल चुका हूँ लगभग
बचपन की थिरक फिर भी उठा जाती है
मेरी ज़हन की खलाओं में डूब चुके
कुछ राज़ पुराने फुसफुसा जाती है
आज भी आती है जब, ये बारिश
कुछ मुझसे कह जाती है...
कुछ गीत पुराने सुना जाती है
बालो को सहलाती है ज़रा सा
फिर माँ की याद दिला जाती है
मैं भूला, पर बारिश जिसे ना भूली
उस मुहब्बत की सिहरन जगा जाती है
बेधड़क नाचना भूल चुका हूँ लगभग
बचपन की थिरक फिर भी उठा जाती है
मेरी ज़हन की खलाओं में डूब चुके
कुछ राज़ पुराने फुसफुसा जाती है
आज भी आती है जब, ये बारिश
कुछ मुझसे कह जाती है...